1 आहयु आखु कंय में मन लगाड़ीन वीच्यार कर्यो के आहयी आखी वातु नो भेद जाणु, के कानी रीते नीयाव करन्यो अने अक्कल वाळा माणहु अने तीमना कामु भगवान ना हात मे से; माणेह ना अगळ आखी भाती नी वातु से पण तीहयो नी जाणे के तीहयो मोंग से के कुहराय। 2 आखी वात आखा ना लेदे एकरंगी रेय, नीयाव करन्या हय नीता वेरी, भलु हय नीता बुरु, चोखलो हय नीता वीटळ्ळो, बादा चड़ावण्यो नीता बादा नी चड़ावण्यो आखा नी हालत एक ह़रकी रेय। जीसम भलास्या नी हालत तेमेत पापी नी बी रेय, जेम ह़ाम खावा वाळा नी हालत तेमेत ह़ाम नी खावा वाळा नी हालत रेय। 3 आहयी धरती पोर हयवा वाळी एक वात गलत से के आखा माणहु नी हालत ह़रकी रेय; अने माणहु ना मन मे बुराय भरायली से, अने जत्यार तक तीहया जीवत्ला रेय तीमना मन मे गंडाय रेय, अने अळतेण तीहया ते मरला मे भेसकाय जाय। 4 पण आखा जीवत्ला मे से, तीमने आह से, काहाके जीवत्लु कुतरु मरला नाहर गेथु बड़ीन से। 5 काहाके जीवत्ला आतरुत जाणे के तीहया मरहे, पण मरला कंय बी नी जाणे, अने नी कंय तीमने बदलो जड़ सके काहाके तीमनु फोम करनु खत्तम हय जेलु से। 6 तीमनो मोंग अने तीमनी कुहराय अने तीमनी दुस्मनी खत्तम हय जेली से, अने हाव जे कंय धरती पोर कर्या करे तीनी मे सदा ना लेदे तीमनो अळी कानो वाटो नी र्यो। 7 तारी वाट्ये लाग जा, अने खुसी सी खाया कर, अने मन मे खुसी ह़मजीन अंगुर नो माणलो रोह पीया कर; काहाके भगवान तारा कामु सी खुस हय जेलो से। 8 तारा लुगड़ा सदा उजळा रेय, अने तारा मुंडा पोर सदा तेल लागलु रेय। 9 आह़फा नी फालतु जीवाय ना आखा दाड़ा जे भगवान तारी जुगु धरती पोर ठेरावलो से, तीहया दाड़ा मे तु तारी मोंगाळ्ळी लाडी ह़ाते सुक रेजे, काहाके तारी जीवाय अने तारी मेहनत जे तु धरती पोर कर्यो तीनो आहयोत वाटो से। 10 जे काम तने जड़े तीने तु तारी पुरी ताखत सी करजे, काहाके पताळ मे जां तु मरवान बाद जवा वाळो से तां ते नी काम हय अने नी योजना हय, अने नी अक्कल अने नी ग्यान हय। 11 अळी में धरती पोर देख्यो के जोरे दवड़वा वाळो हमेसा दवड़ नी जीते, अने लड़ाय-झगड़ा मे हमेसा ताखत वाळोत नी जीते, अक्कल वाळा माणहु ने हमेसा खाणु नी जड़े, अने नी ह़मजदार माणहु ने हमेसा धन जड़े। अने लायक माणहु हमेसा उचा पद पोर नी जाय, आफत हर कोय ना कीसमत मे रेय। 12 काहाके माणेह आह़फा नी टेम ने नी जाणे जीसम माछला जाळ मे फस जाय अने चड़ा फांद मे फस जाय तेमेत माणेह बी जे दुख नी जाळ मे फस जाय, आहयी दुख नी टेम तीमनी पोर उचकालेत आय जाय।
13 में धरती पोर आसवी अक्कल भरी वात बी देख्यो, जे मने खास मालम पड़ी। 14 एक नानु ह़ेर हतु, तीहया ह़ेर मे थोड़ाक माणहु रेता हता, अने कानो मोट्लो राजो तीनी पोर हमलो करीन तीने घेरवी लेदो, अने तीनी च्यारो-मेर घेरा-बंदी कर लेदो। 15 पण तीनी मे एक गरीब अक्कल वाळो माणेह हतो, तीहयो ते ह़ेर ने आह़फा नी अक्कल सी ह़ेर ने बचाड़्यो। ते बी कोय बी तीहया माणेह ने फोम नी राख्या। 16 एक गरीब माणेह नी अक्कल ने कोय बी वारली नी ह़मजे अने तीनी वात कोय बी नी ह़मळे ते बी में केम ताखत गेथी अक्कल वारु से। 17 वण-अकल्या नी वच मे राजान आड़नु सी एखला मे अक्कल वाळा नी वात ह़मळ लेवा घणु-जादा वारु से। 18 झुमायवा ना हत्यार गेथी अक्कल खास से, पण एक पापी घणी भलाय ने खत्तम कर देय।