1 वारु नाम मोगलु ईत्तर सी अने मोत नो दाड़ो पयदा हयवान दाड़ा सी वारु से। 2 खावा बोलावे तीहया घोर जवा सी दुखी घोराणा मे जवा वारु से; काहाके आखा माणहु नु आखरी मे मरवुत से, अने जे जीवत्ला से तीहया मन लगाड़ीन आनी पोर सोचहे। 3 हाही सी दुखी हयवा वारु से, काहाके मोडा पोर ना दुख सी मन ह़ुदरे। 4 अक्कल वाळा नु मन दुखी हयवा वाळा घोराणा पोर लागलु रेय, पण वण-अकल्या नु मन खुस हयवा वाळा घोराणा पोर लागलु रेय। 5 वण-अकल्या ना गीत ह़मळवा सी अक्कल वाळा नी डाट-फटकार वारु से। 6 काहाके वण-अकल्या नी हाही हांडला तळे धपत्ला काटा चड़-चड़ करे तेवी रेय; आहयु बी फालतु से। 7 जरुड़ बेमानी नी कमाय सी अक्कल वाळो वण-अकल्यो हय जाय; अने पय्हा लेवा सी अक्कल खत्तम हय जाय। 8 काना काम नु सुरु हयणु गेथु तीनु खत्तम हयणु वारु से; अने धीरज धरण्यो माणेह घमंड करवा वाळा माणेह गेथो वारु से। 9 आह़फा ना मन मे उतवाळ्योत रीह ना करे, काहाके रीह वण-अकल्या नात मन मे रेय। 10 आहयु नी केजो, के आज गेथो काले नो दाहड़ो वारु हतो? काहाके आना बारा मे तमारु आहयु केणु अक्कल नी लारे नी हय। 11 अक्कल माल-धन ने तेम एक वारु चीज से, अने तीहया माणहु ने फायदो आपे जे धरती पोर से। 12 काहाके अक्कल नी रखवाळी धन नी रखवाळी ह़रकी से। पण ग्यान नो फायदो आहयो से के अक्कल सी तीना रखवाळ्या ना जीव नी रखवाळी हये। 13 भगवान ना काम ने भाळ; जे चीज ने तीहयो वाकी कर्यो हय, तीने कोय ह़ुदी कर सके? 14 सुक ना दाड़ा मे खुसी मनाव, अने दुख ना दाड़ा मे सोच; काहाके भगवान बेम ने भेळात राख्यो, जीनी सी माणहु आह़फान बाद हयवा वाळी कानी बी वात ने ह़मजी नी सके। 15 में आपणी फालतु जीवाय मे आहयु आखु कंय देखलो से, के नीयाव करन्यो माणेह सच्चाय ना काम करतो जाय्न खत्तम हय जाय, पण वेरी माणेह बुराय करतो जाय्न बी लाम्बी उमर जीवे। 16 आह़फा ने जादा खरलो ना बणावे अने जादा अक्कल वाळो बी ना बणावे; तु काहा आह़फा ना पोग पोर झाटको दी र्यो। 17 जादा वेरी बी ना बणो, अने ना वण-अकल्या बणो; नीता टेम गेथा पेलेत मर जहु? 18 आहयु वारु से के तु आहयी वात ने धरी र्यो; अने तीहयी वात ने बी नी छोड़्यो; काहाके जे भगवान नी बीक माने तीहयो आहयी आखी वेला सी पार हय जहे। 19 अक्कल सीत ह़ेर ना दह अदीकार्या गेथी अक्कल वाळा ने जादा ताखत जड़े। 20 धरती पोर कोय एवो खरलो माणेह नी हय जे भलायेत करे अने तीनी सी पाप नी हयो हय। 21 जेतरी वात माणेह केय तीहयी आखी वात पोर कान्टा नी लगाड़जे, आसम नी हयवा जोवे के तु ह़मळे के तारो पावरेत तारो वाक काडे; 22 काहाके तु आह़फो बी जाणे के तु बी बीजा घणा नो वाक काडलो से। 23 आहयु आखु में अक्कल सी पारख लेदलो से, में केदो, "में अक्कल वाळो हय जही" पण अक्कल मारी गेथी सेटी री। 24 तीहयु जे सेटु से अने घणु उन्डे से, तीने कोय ह़मज सके? 25 में मारु मन लगाड़्यो के अक्कल ना बारा मे जाण लेम; के ह़ोद नीकाळु अने तीनो पतो लगाड़ु, अने मने मालम पड़ जाय के वण-अक्कल अधरम से अने वण-अक्कल गंडाय से। 26 में मोत गेथी बी जादा दुख वाळी एक चीज हात करलो से, तीहयी बयर जीनु मन फंदो अने जाळ से अने जीना हात मे हातकड़्या हय जे अदमी सी भगवान खुस से तीहयोत तीनी सी बचहे, पण पापी तीनो सीकार हयहे। 27 देख, मास्तर, में ग्यान ना लेदे अलग-अलग वातु ने भेसकीन पारख्यो, अने आहयी वात जड़ी। 28 जीने मारु मन हमणे लग ह़ोद र्यु, पण नी जड़्यु, हजार मे गेथा मे एक अदमी ने ह़ोद्यो, पण तीमनी मे एक बी बयर नी जड़ी। 29 देखो, मने नीस्ती आहयीत वात जड़ली से के भगवान माणेह ने ह़ुदो बणायो, पण तीहया घणी योजना नीकाळला से।
Publicidade
Eclesiastes 7
जीवाय ना बारा मे वीच्यार
Veja também
Publicidade