42 तीहया दाड़ीत मंदीर मे, अने घोर-घोर जाय्न ईसु नी ह़ीकापण ह़मळावता र्या, अने ईसु नी आहयी खुस-खबर ह़मळावता ज्या के "ईसुत मसी से।"
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42 तीहया दाड़ीत मंदीर मे, अने घोर-घोर जाय्न ईसु नी ह़ीकापण ह़मळावता र्या, अने ईसु नी आहयी खुस-खबर ह़मळावता ज्या के "ईसुत मसी से।"