18 सीमोन आहयु देख्यो के ईसु ना नेवताळा माणहु पोर हात मेके एतरात ने तीमने चोखली आत्मा जड़ जाय। एतरे तीहयो तीमनीन्तां रुप्या लावीन केदो। 19 "मे जीनी पोर बी हात मेकु तीने चोखली आत्मा जड़ जवा जोवे, एसवो हक मने बी आपो।"
20 पण पतरस तीने जपाप आप्यो, "तारी ह़ाते तारा रुप्या बी खुट जवा जोवे, काहाके तु भगवान ना वाटा ने रुप्या आपीन हात करवा नी हेर कर्यो। 21 आहयी वात मे तारो हीस्सो बी नी हय, अने हक बी नी हय। काहाके भगवान अगळ तारु मन ह़ुते नी हय। 22 एतरे तु तारा मन ने पाप भणी गेथो बदलीन भगवान भणी वाळ अने मालीक ईसु सी वीन्ती कर। कंखर माय्न भगवान तारा मन ना वीच्यार नी माफी आप देय। 23 काहाके मने चोखुझण देखाव पड़ र्यु के तु आखी भातीन पाप मे बंदायलो से।"
24 आहयी वात ह़मळीन सीमोन जपाप आप्यो, "तमु जे बी वात केदला से, तेम मारी ह़ाते नी हयवा जोवे, करीन तमु मालीक भगवान पांह मारी जुगु वीन्ती करो!"