4 काहाके जे माणहु आह़फा ना भरहा ने सोड़ देय तीमने फीर सी मन फीरव्वा करीन कीकम लावया? तीहया एक कावा भगवान नु वीजाळु मे हता। जे ह़रग ना वाटा नो ह़वाद चाख लेदला से अने चोखली आत्मा नो आपणो वाटो हात करला से, 5 अने तीहया भगवान ना बोल ने जाणता हता के भगवान नो बोल केतरो वारु से। अने आव्वा वाळी कळी नी सक्ती नी जानकारी ली चुक्या। 6 कदीम तीहया भरहा सी भटकी जाय ता तीमने अळी मन फीराव्वा नी लेदे पासा लाव्वा काठु से; काहाके तीहया भगवान ना सोरा ने अळी कुरुस पोर चड़ावे अने आखा नी अगळ नामबद्दी नी वात बणावे।