धरती अने ह़रगे नी बड़ाय
1 तीहयी पेल्नी बोली मे बी उपाह़ पाळवा ना कायदा हता, अने ईसम चोखलो जागो हतो जे आहयी कळी नो हतो। 2 एक तम्बु बणावला हता, जीना पेल्ना कोपरा मे दीवलाय अने भगवान ने भेट करवा ना रोट्ला हता; अने तीहयो चोखलो जागो केवायतो हतो। 3 बीजा पड़दा पसळ एक अळी कोपरो हतो, जे घणो वारु चोखलो जागो केवात्लो हतो। 4 आनी मे वारु गंदायण्या धुप नी लेदे ह़ोना नी वेदी, अने च्यारो-मेर ह़ोना सी बणलु पेटारु हतु आहया पेटारा मे मन्ना सी भरलु ह़ोना नु ठाहरु हतु अने हारुन नी लाकड़ी जीनी मे डीरा नकळ्ळा हता अने बे दगड़ा जीनी पोर बे हुकम लीखला हता। 5 तीमनी उपर बेम भबळवा वाळा ह़रगदुत हता, जे पाप नी माफी ना जागा पोर साहळो करला हता; ईमनु एक-एक करीन देखाड़वा नी टेम नी हय।