20 "मे आमनी जुगु एतरोत नी वीन्ती करतो, पण तीमनी जुगु बी वीन्ती कर र्यो, जे आव्वा वाळा दाड़ा मे आमनी वात ह़मळीन मारी पोर भरहो करहे।"
ईसु पोर भरहो करवा वाळा आखा जुगु ईसु पेलेत वीन्ती करे
21 "मे वीन्ती करु, के तीहया आखा एक हय जाय। ए बाह! जीसम तु मारी मे से अने मे तारी मे, तेमेत हीय्या बी अमारी मे एक हय जाय, आनी सी कळी ने भरहो हय जहे के तु मने मोकल्लो से। 22 अने तीहयी बड़ाय जे तु मने आपलो से, तीहयी मे तीमने आप देदलो से, के जीसम आपणु एक से, तीसम तीहया बी हये। 23 मे तीमनी मे अने तु मारी मे, जीनी सी तीहया पुरी रीते एक हय जाय अने आहयी कळी ना माणहु जाण लेय के तु मने मोकल्लो से अने जे रीते तु मने मोंग कर्यो तेमेत तीमनी सी बी मोंग करलो से।"