1 ईसु आहयी वात कीदीन ह़रग भणी भाळीन केदो, "ए मारा भगवान बाह! तारा बेटा नी मरवा नी घड़ी आय वागली से, एतरे तारा बेटा नी बड़ाय उजन्ती कर। 2 तु ते तारा बेटा ने आखा माणहु पोर हक आपलो से, के तीहया हक ना लारे तीहयो आखा माणहु ना वच मे तारी बड़ाय उजन्ती करे, अने तीमनी मे गेथा जेतरा बी माणहु तु तीना हात मे ह़ोपलो से, तीमने आखाम ने तु अमर जीवाय आपही। 3 एकीत खरलो भगवान तुत से अने मे, ईसु तारी लारे सोड़ावण्यो मसी से, तने अने मने जाणीन मानवा सीत माणहु ने अमर जीवाय जड़े। 4 जे काम तु मने करवा करीन आपलो हतो, तीहयु काम करीन मे धरती पोर तारी बड़ाय ने उजन्ती करलो से। 5 ए भगवान बाह! कळ नी घड़ायी अने पेल्नो मे तारी ह़ाते हतो, अने मे तारीन तेम बड़ाय मे हतो। हाव मने ते बड़ाय मे पासो भेसकी ले।"
6 "जे माणहु ने तु आहयी कळी मे गेथा टाळीन मने ह़ोपलो से, तीमनी अगळ मे तारु नाम उजन्तु कर देदलो से। ह़ाचलीन तीहया माणहु तारात हता; अने तु तीमने मारा हात मे ह़ोप देदो। अने तीहया तारी ह़ीकापण ने मान र्या। 7 हाव तीहया जाण जेला से, के जे कंय तु मने आपलो से, तीहयु आखु तारी भणी गेथु से; 8 काहाके जे खबर तु मने आप्यो, मे तीमने पुगाड़ देदो अने तीहया तीने आवरी लेदा अने तीहया तीने ह़ाचली जाण लेदा के मे तारी भणी गेथो आवलो से, अने तीहया भरहो कर्या के तु मने मोकल्लो से।"
9 "मे ईमनी जुगु वीन्ती करु तीहयी वीन्ती तु ह़मळी ले। मे कळी ना माणहु जुगु वीन्ती नी करतो, पण तीमनीत जुगु वीन्ती कर र्यो के जीने तु मारा हात मे ह़ोपलो से, काहाके आहया तारात से। 10 ह़ाचलीन जे कंय मारु से, तीहयु तारु से, अने तारु से, तीहयु मारु से। एतरे ईमनी लारे मारी बड़ाय उजन्ती हयली से।" 11 "मे आहयी कळी ने सोड़ीन तारीन्तां आव्वा हींड र्यो। पण आहया चेला कळीत मे रेहे। ए चोखला भगवान बाह! तु जे मने नाम आपलो से, तीहया नामे आमनी रखवाळी कर, जीनी सी आहया आपणीन तेम एक हय जाय। 12 जत्यार तक मे आमनी ह़ाते हतो, तत्यार लग मे तारा नाम नी लारे आमनी पुरी रखवाळी करतो र्यो। तीमनी मे नो कोय बी ठायको नी मर्यो; पण एकीत जणो ठायको मर जेलो, जे खुटवा वाळोत हतो। खरला सास्तर मे लीखली वात पुरी हयवात जोवे करीनेत आसम हयु।" 13 "हाव मे तारीन्तां आव्वा हय र्यो, अने मे आहयी वीन्ती आहयी कळी मे रीन करवा बाज र्यो, जीनी सी जे खुसी मारी मे से, तीहयी खुसी चेला पुरीन-पुरी हात कर लेय। 14 मे तारी वात आमने की देदलो से। अने भगवान नो वीरोद करन्या आहयी कळी ना माणहु आमनी सी ह़ीगी करे, काहाके जेम मे आहयी कळी ना माणहु ह़ाते ह़ात-ह़ंगात नी करु, तेमेत आहया चेला बी आहयी कळी ना माणहु ह़ाते ह़ात-ह़ंगात नी करे। 15 मे आहयी वीन्ती नी करतो, के तु तीमने आहयी कळी मे गेथा लीजती रे; पण आहयु के तु तीने बुराय सी बचाड़। 16 जीसम मे आहया कळी नो नी हय तेमेत तीहया बी आहयी कळी ना नी हय। 17 ए भगवान बाह, तारो बोल खरलो से। आहयी सच्चाय नी लारे आमने तारी सेवा जुगु चोखा करीन तीयार कर। 18 जेम तु मने आहयी कळी मे सेवा ना काम नो हक आपीन मोकल्लो से, तेमेत मे बी आमने आहयी कळी मे सेवा ना काम नो हक आपीन मोकल्लो से। 19 अने तीमना फायदा जुगु मे मारो जीव आपीन आह़फा ने टाळीन चोखो करु, आनीन करते के आहया बी तारी सच्चाय ना बोलु नी लारे तारी सेवा जुगु टळीन चोखा हय्न तीयार हय जाय।"
20 "मे आमनी जुगु एतरोत नी वीन्ती करतो, पण तीमनी जुगु बी वीन्ती कर र्यो, जे आव्वा वाळा दाड़ा मे आमनी वात ह़मळीन मारी पोर भरहो करहे।"
21 "मे वीन्ती करु, के तीहया आखा एक हय जाय। ए बाह! जीसम तु मारी मे से अने मे तारी मे, तेमेत हीय्या बी अमारी मे एक हय जाय, आनी सी कळी ने भरहो हय जहे के तु मने मोकल्लो से। 22 अने तीहयी बड़ाय जे तु मने आपलो से, तीहयी मे तीमने आप देदलो से, के जीसम आपणु एक से, तीसम तीहया बी हये। 23 मे तीमनी मे अने तु मारी मे, जीनी सी तीहया पुरी रीते एक हय जाय अने आहयी कळी ना माणहु जाण लेय के तु मने मोकल्लो से अने जे रीते तु मने मोंग कर्यो तेमेत तीमनी सी बी मोंग करलो से।"
24 "ए बाह, मे चाहु के जीमने तु मने आपलो से, जां मे से तां तीहया बी मारी ह़ाते रेय, के तीहया मारी तीहयी बड़ाय ने देख सके, जे तु मने आपलो से, काहाके तु कळ नी घड़ायी तीनी पेले गेथो मारी सी मोंग कर्यो। 25 ए धरमी बाह, आहयी कळी मने नी जाणी, पण मे तने जाणलो से, अने तीहया जाण ज्या के तुत मने मोकल्लो से। 26 मे तारु नाम तीमने देखाड़्यो, अने देखाड़तो रेही, के जे मोंग तु मने आप्यो, तीहयो मोंग तीमनी मे बणलो रेय अने मे बी तीमनी मे बणलो रेम।"