6 अने घोर आवीन आह़फा ना दोस्तीदार्या ने अने ह़ाते वाळा ने एकठा करीन केय के मार ह़ाते खुस रेवा काहाके मारु खोवायलु गाडरु जड़ जेलु से! 7 मे तमने केम; के आहयीत रीते एक पाप सोड़वा वाळा ना बारा मे बी ह़रग मे एतरा खुस हयहे, जेतरा एक कम ह़ोव धरमी माणहु नी लेदे नी हये, जीमने मन फीराव्वा नी जरवत नी हय।"