33 काहाके बपतीस्मा आपण्यो युहन्नो रोट्लो नी खादो अने अंगुर नो रोह बी नी पीदो, अने तमु की र्या के ईने भुतड़ो लाग र्यो। 34 मे मनख्या नो सोरो बणीन आयो अने मे खातो-पीतो आय र्यो; अने तमु मने की र्या, देखो, आहयो माणेह हीजर्यो अने ह़रांग्यो से, अने फाळो लेण्या अने पापी माणहु नो दोस्तीदार से।