गम अने वीन्ती
7 एतरे ए भायु, मालीक ने पासो आवता लग दम धरो। कीरसाण ने देखीन ह़ीको, तीहयो ते खेतर मे वारु मेर नी आह राखतो जाय्न, पेलो अने आखरी पाणी आव्वा लग दम धरत्लो। 8 मालीक ने पासो आव्वा नो दाड़ो ह़ाते से। एतरे तमु बी गम खावो, अने मन ने टणको राखो।