3 काहेकी असो बेरा आहे जबा लोक खरो सिक्सा नही सह सको पर कान गीन की खुजली को कारन अपरी आस को जसो अपरो लाई लगत सी सिक्सक बटोर लेहेत। 4 अना अपरो कान खराई लक अलग करके, कथा कहानी गीन पर लगायहेत।
3 काहेकी असो बेरा आहे जबा लोक खरो सिक्सा नही सह सको पर कान गीन की खुजली को कारन अपरी आस को जसो अपरो लाई लगत सी सिक्सक बटोर लेहेत। 4 अना अपरो कान खराई लक अलग करके, कथा कहानी गीन पर लगायहेत।