Pular para o conteúdo
Publicidade

Apocalipse 4

सरग भकति

1 यकवयो, अनसरग उघड़ो िो। अनवसअवनलपयलआयको। आवजसलक कह रहयो। "इतवरतआव! अनि िएकवनजरे।" 2 एकएक आतमबसमभयगयो। अनिसयो, सरग एक जगदअनओनपर बसयो। 3 वहबसो। यसब अनजसो। िसन आखा-एक घधनो। पनजसचमकत ो। 4 ओनजगदआखा-रस, अनओनरससयाँढरकपरिअनपर कयो। 5 ओनजगदलक िजलचकचवधदर गडगड़ाजसि आविे। अनजगद़ा लपलपपटपरमवर आतम6 अनिसन ़ा महपथरजसाँसमुंदर ो।

अनिसन अनआखा-वधिनक़ा 7 पहवधजसो, सरवधबईल जसो, अनसरवधजसो, अनचवथवधउडगरपकजसो। 8 ऐनवधलक हरसह-सह उनककना, अनतर िवस अनिकयवत ि

"पवतर िरभपरमवर सब लक कत वर े,

ो, अनअनआवनवे।"

9 जबिवधी, अजर अमर महिा, आदर अनधनवकर रहयिरसिजमो। 10 वय सययमपडे, सदिरवहन अरधनकरवय िसन समआपरअनकवहस,

11 "आमरिरभअनपरमवर, महि

अनकत यक

ि नच सबच जगबनईस,

अनओकबनयअनओकिमरजलक भयी।"

Veja também