दानिय्येल को खिलाप साजीस
1 राजा दारा ना आपरो पूरो राज मा सासन करन को लाय 120, राजपाल ठहराय होतिन। वोला यो काज साजरो लगयो। 2 वोना इन 120 राजपाल को वरता तीन परधान राख्यो होतो। जेमा एक परधान दानिय्येल होतो। अधिपती उन परधान को देख-रेख करत होतिन। येना पिरकार राजा को सासन को काज मा कोनी पिरकार का रुपिया पैसा मा हानि नहि होवत होति।
3 दानिएल मा एक लगत साजरो लक साजरो आत्मा होतो, एकोलाय वय परधान अना राजपाल मा माननीय होतो। पर राजा असो भी सोचत होतो का वोको सबरी राज को वरता ठयरायो।