1 वोना बेरा मोठो सरगदूत मीकाएल, जोन तोरो रास्ट को रक्सक दुत से। रक्सा को लाय आहेत। वा संकट को बेरा होहे। रास्ट को पयदा लेवन को पहेले असो सकंट कभ्भू नही आयो। पर योच सकंट को बेरा मा तोरो रास्ट को सूटकारा होहे, जोन लोग को नाव परमेस्वर को गिरंथ मा लिख्यो हुयो से, वय सूड़ायो जाहेत। 2 जोन धरती को खाल्या माटी मा गड़ायो गयो सेत, उनमा लक लगत सा जग जाहेतिन, अना वोमा लक काहि हरामेसा को लाय काहि को बेईज्जती अना हमेसा को गुस्सा को लई बनया रहेत। 3 तबा जोन अक्कलवर अगुवा होहे वय बादल को चान्दनी को जसो टिमटिमाहेत। जोन लगत लोगहुन ला सही रास्ता मा आनयो से, वा चन्देनी को जसो चमकहेत। 4 पर ओ दानिय्येल! तू गिरंथ मा मोहर लगाव, अना आखरी बेरा को लाय इन गोस्टी बंद करके साजरो लक राख। लगत लोख पूस-पास को लाय इता-उता पराहेत, अना आपरो गियान ला बढान को लाय इता-उता पराय के आपरो गियान को उन्नती करहेत।
5 यो आयक के जबा मी दानिय्येल ना वोरता चोयो ता मोला दुई मानूस दिसयो, एक मानूस नद्दी को येना किनारो पर, अना दुसरो मानूस नद्दी को वोना गन उभो होतो। 6 मीना नद्दी को पानी को वोरता उभो अना चमकन वालो सन को कपरा घालियो हुयो एक मानूस ला पुसियो "यो अचरज काम होवन मा केतरो बेरा अखिन से?" 7 नद्दी मा जोन सन को कपरा घालयो होतो वोना आपरो उज्जो अना डायो हात, बादर कन उभो करयो अना मीना वोला अमर अना जिन्दो परमेस्वर को किरिया खावतो हुयो आयकियो, साढ़े तीन बरस तकन असो दसा मा रहेत, जबा पवितर लोग गिनको सताव सप्पा खतम होय जाहेत। तबा यो गोस्टी पूरी होहेत। 8 मीना वोकी यो गोस्टि आयकयो पर मोला समज मा नहि आयो । तबा मीना पुसियो, "मोरो पिरभू येन गोस्टी को बाद काजक होहेत?" 9 पर वोना जवाब दियो दानिय्येल, अबा जाय यो गोस्टि जूग को आखरी बेरा को लाय मोहर लगाय दियो गयो से। 10 या बेरा मा लगत लोग गिन आपरो ला सुध्द, पवितर अना उजाड़ करहेत। पर दुस्ट खोटो काज करत चलहेत। अना कोन्हि भी गलत करन वाला यो गोस्टि ला नहि समजेत। पर जोन अक्कलवर से उ समज जाहे। 11 जोन दिवस पवितर मन्दिर मा रोज का स्तो बली चघावनो बन्द कर दियो गयो अना नफरत वालो समान राख दियो गयो, वोन दिवस लक नास को कारन होहे वोन दिवस लक बारह सव नवद दिवस गिन बीत जाहेतिन। 12 धन्य से वय मानूस जोन धीरज को संग एक हजार तीन सौ पैंतीस दिवस पूरो करहेत। 13 ओ दानिएल! तू आखीर तकन बिस्वास को लायक बनयो रव्ह तू अराम करहेत, पर बेरा को आखीर मा आपरो परतीफर पावन को लाय उभो होजो।