1 जसो मरी माँखी खूसबो वालो तेल ला बस्सान वालो तेल बनाय देसेत, वोसोच जरा सी मुरखता मान अना अक्कल ला घटाय देसे। 2 अक्कलवर को हिरदय वोला सही गोस्टी कन ले जावासे, पर मूरख को हिरदय गलत कन ले जावासे। 3 जबा मूरख गल्ली लक रेंगासे तबा वोकी अक्कल काम नही करासेत, अना ऊ सबच लक कसे मी मूरख सेऊ? 4 अगर राज करनवालो को गुस्सा तुम्हरो पर भड़के, ता तबा भी तुम्ही अपरी जाघा नोको छोड़ने, काहेकि तुम्हरो धीरज धरन लक मोठा-मोठा अपराध रूक जासेत। 5 दिन को खाल्या एक बुराई मोला चोई जोन राज करनवारो अनजानो मा करासे। 6 वा असो से का मुरख वरता पद मा बसासे पर धनी लोग खाल्या को पद मा बसासेत। 7 मीना नौकर गिनला घोड़ो मा चघता, अना राजा गिनला नौकर घाई पाय-पाय रेंगतो चोयो सेऊ। 8 जोन दूसरो लाई खोदरा खन्दासे ऊ आपच वोमा पड़ जाहेत अना जोन रुधान तोड़ेत वोला सरप चाबेत। 9 जोन गोटा फोडे़ वोला खुदच घाव आहेत अना जोन काड़ी फोडे़त ऊ खुद मुसीबत मा पड़ेत। 10 अगर टगिया बोथड़ से, अना मानूस वोला नही पजाहेत ता तुमला च लगत मेहनत करनो पड़हेत पर सफल होवन को लाई अक्कल लक फायदा होसे। 11 अखिन सरप मन्तर पढन लक पहेले चाब दे ता मन्तर बाचन का कोनी फायदा नहात। 12 अक्कलवर की गोस्टी मा दया होसे, अना मूरख गिन कि गोस्टी बिनास को कारन होय जासे। 13 उनकी गोस्टी मुरखता लक सुरू होसेत, अना वोको आखीर दुख भरो बैताड़पना होसे। 14 वोकी गोस्टी बढाय-चढाय के कसे, पर कोनी नही समज सकेत का काजक होहे? ना कोनी मानूस नही सांग सका का एको मघा का होहे? 15 मूरख की मेहनत वोला थकाय देसे वोला नगर को रास्ता भी मालूम नही रव्हे। 16 धिक्कार से वोना देस पर जेको राजा कम उमर को टुरा से, अना वोका अधिकारी गीन सक्कारी लक जेवन जेवासेत। 17 धन्य से ऊ देस जेको राजा खानदानी से, अना वोको हुकुम मानन वाला बेरा पर जेय सेत। अना वो भी नसा करन नही पर ताकत को लाय जेवा सेत। 18 अलाली करन लक घर को सड़डन सड़ जासे, अना जोन सुस्ती करासे, वोका घर गरासे। 19 लोग मजा करन लाई जेवासेत, अना अंगूर को रस लक जीवन मा खुसी भेटासे, अना धन लक सब मिल जासे। 20 राजा ला अपरो मनमा सराप नोको देवने, अना धनी ला आपरो बिस्तर लक सराप नोको देवने। काहेकि बादल को कोनी पक्सी तोरो बोल ला लेजाहेत अना कोनी उड़न वारो जन्तु तोरो पोल खोल देहेत।
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