1 येना सबच काही मीना मन लगाके बिचार करयो, का मी सप्पा गोस्टि को भेद जानू, का कसो परकार लक नेक मानूस अना अकलवर लोक अना वोका काज परमेस्वर को हात मा सेत, मानूस को समोर सब परकार को गोस्टी से, पर वोला मालूम नहाय का वा माया से का बइर? 2 यो सबच लाई बरोबर से नेक-दुस्ट, भलो अना बुरो पवितर-अपवितर जोन बलि चघावासे अना जो बलि नही चघावा, सबको आखीर वोसोच होहे। जसो भलो मानूस से वोसो च पापी भी से जसो किरिया खान वालो, वोसोच किरीया खान लक डरान वालो। 3 दिन को खाल्या जोन काही काम करयो जावासे वा सबच मा मोला एक बुराई चोयो का सबको आखीर एक जसो होवासे। अना मानूस को हिरदय बुराई लक भरयो से, अना जबा तकन जिन्दगानी से मनमा बैताड़पना बनो रव्हासे वोको बाद वा मरयो हुयो लोक को संगी भयी जासेत। 4 जोन जित्तो से वोको लाई आस से काहेकि सच्चो मरयो सेर लक जिन्दो कुतरा साजरो से । 5 जिन्दो गिनला पता रव्हासे का ऊ मरहे जरूर, मगर मरया गिनला काहि पता नही रव्हा, का वोला काहि बदला नही मिलासे, अना वोला बिसर जासेत। 6 येना पिरकार उनको पिरेम, गुस्सा अना ईरसा खतम भय गयीन अना दिन को खाल्या का कोनि काज मा उनको हिस्सा नही रव्हेत। 7 एकोलाय जाव अना अपरो घर मा अमाचैन लक रव्हो, अना अंगूर को रस पिवो, काहेकि परमेस्वर तुम्हरो काज लक खूस से। 8 तुम्हारो कपरा सदा उजलो रव्हेत, अना तुम्हारो डोई को तेल नोको सरे। 9 दिन को खाल्या जेतरा बेकार का दिवस सेत, अपरी बायको संग पिरेम मा खुस रव्हजोस, काहेकि तोरो जिन्दगी को अना दिन को खाल्या मेहनत को फर योच से। 10 दिन को खाल्या जोन काम आपरो भेटयो से वोला मन लगाय के करो, काहेकि पताल मा जहान तू जावन वालो सेस, ना काम, तरीका, गियान, अना अक्कल ताकत काहि नाहाय। 11 मंग मोला दुबारा दिन को खाल्या मा चोयो, ना धावनो मा परान वाला, ना लड़ाई मा बीर जीता सेत, ना अक्कलवर ला जेवन भेटासे, ना समजदार ला धन-दौलत, ना काबील ला दया, काहेकि यो संजोग लक बेरा मा भेटासे। 12 काहेका मानूस ला अपरो बेरा मालूम नहात, जसो मसरी दुख देवन वारो जाल मा फसासे अना फान्दा मा चिड़िया फस जासेत वोसोच मानूस बुरो बेरा जोन एकाएक आवासेत वा मा फस जासेत।
13 मोला बादल को खाल्या अक्कल को उदाहरन चोयो, जो मोला बेजा भाय गयो। 14 एक लहान सो नगर होतो, जोनमा जरा सा लोग होतिन। अना कोनी मोठो राजा आयो अना वोना नगर ला घेर लियो। अखीन नाका बन्दी कर दियो। 15 मगर वोना नगर मा एक गरीब अक्कलवर मानूस होतो। अना वोना आपरो अक्कल लक वा नगर ला बचाय लियो, पर कोनी ना उ गरीब अक्कलवर मानूस को हेत नही करयो। 16 तबा मीना कह्यो, "मंग गरीब को अक्कल बेकार समजो जावासे अना वोको गोस्टि कोनी नही आयकत तो भी ताकत लक बढके अक्कल से।" 17 मूरख गिनको बीच मा राजा की डटकार लक एखलो मा अक्कलवर की गोस्टि आयकनो साजरो से। 18 लड़ाई को हथियार लक अक्कल साजरो से, पर एक पापी लगत साजरी चीज गिनको नास कर देसे।