16 पर मि कव्हसू की पवीतर आतमा को जसो चलोह तो तुमी आँग की मनसा ला कोनी रिती लक पूरी नही करहो। 17 काहे की आँग तो पवीतर आतमा को विरोध मा अना पवीतर आतमा आँग को विरोध मा लालसा करासे, यो तो एक दुसरो को विरोधी5:17 सतरू सेत, जोन तुमी करनो चाव्हसो ओला नही कर सकोह।