27 "मि तुमला सान्ती देय के जासू, आपरो सान्ती तुमला देवासु। जसो जगत देसे वसो मि तुमला नही देहुँ, तुमरो मन बेचैन नोको होयेत, अना नोको डराव।
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27 "मि तुमला सान्ती देय के जासू, आपरो सान्ती तुमला देवासु। जसो जगत देसे वसो मि तुमला नही देहुँ, तुमरो मन बेचैन नोको होयेत, अना नोको डराव।