यरुसलेम मा जीत लक धसनो
1 जबा वय येरुसलेम को कगर जैतून पहाड़ पर, बैतफगे अना बैतनिय्याह गाँव को जवर आइन। यीसु आपरो चेला मा लक दुई ला यो कहके धाड़ीस 2 की "ओना नगर मा जावो, अना जसो ही तुमी धसो तो तुमला पाटरू बच्चा चोयेत। जोन पर कोनी नही बसयो से, ओला खोलके आनने। 3 अदी तुम ला कोनी पुछेत असो काहे करोसो, त कव्हने की मोरो मालिक ला एको काम से, उ ओला गदने इता धाड़ देहेत।"
4 उनना जायके उ पाटरू ला बाहेर बेसकुड़ को जवर चौक मा बन्धो पाईन, अना खोलन लगीन। 5 अना उनमा लक जोन उता उभा होतीन, कोनी कोनी कव्हन लगीन, "की यो का करोसो? गढव को पाटरू ला काय ला खोलोसो?"
6 उनला जसो यीसु न कहि होतीस, वसोच उनला कव्ह देईन, तबा उनना उनला जावन देईन। 7 अना उनना उ पाटरू ला यीसु को जवर आनके आपरो कपरा ओमा डाक देईन, अना उ ओमा बस गयो। 8 लगत लोकगीन ना आपरो कपरा रास्ता मा बिछाइन, अना काही ना खेत मा लक नहानी-नहानी डारी काटके फैलाय देइन। 9 अना जोन ओको पुडा-पुढा जावत, अना मंघा चलो आवत होतीन, चिल्लाय के कव्हत होतीन, "ओ पिरभू अमीला बचा! धन्य से उ, जोन पिरभु को नाव लक आवासे। 10 हमरो बाबूजी दाऊद को राज जोन आय रही से; उ धन्य से, वरता बादल मा जय जयकार हो!"
11 अना उ येरुसलेम पहुचके मंदिर मा आयो। अना चहु तरफा सब चीजहुन ला चौवके, बारा चेलागिन को सँग बैतनिय्याह गाँव गयो। काहेकि झुलाखाली बेरा भई गयो होतो।