22 अना याईर नाव को सभाघर को मुखिया मा लक एक मानूस आयके, ओको पाय पड़न लगयो। 23 अना ओना यो साँगके बिनती करन लगयो, की "मोरी नहानी टूरी मरन पर से, तु आयके ओको पर हात राखजो ता वा साजरी भई जाय अना जित्तो रव्हे।"
24 तबा उ सँग गयो अना मोठी भीड़ ओको मंघा भई गई यहान तकन की लोकगीन ओको पर गिरत पड़त होती।