18 सबा मानूस को आस को बिरोध मा आपरो आस ला मनमा सपना मा चोय के अबराहम ना बिस्वास करयो, एकोलाय उ कह्यो हुया गोस्टी को कारन लगत देस को दआजी बनयो। जसो लिखयो होतो, "तोरो खानदान लगत होयेत।"
18 सबा मानूस को आस को बिरोध मा आपरो आस ला मनमा सपना मा चोय के अबराहम ना बिस्वास करयो, एकोलाय उ कह्यो हुया गोस्टी को कारन लगत देस को दआजी बनयो। जसो लिखयो होतो, "तोरो खानदान लगत होयेत।"