2 कुरनेलियुस अपने पूरे घराने समेत दीनदार और ख़ुदातरस था। वह फ़ैयाज़ी से ख़ैरात देता और मुतवातिर दुआ में लगा रहता था।
15 लेकिन यह आवाज़ दुबारा उससे हमकलाम हुई, "जो कुछ अल्लाह ने पाक कर दिया है उसे नापाक क़रार न दे।"
28 उसने उनसे कहा, "आप जानते हैं कि किसी यहूदी के लिए किसी ग़ैरयहूदी से रिफ़ाक़त रखना या उसके घर में जाना मना है। लेकिन अल्लाह ने मुझे दिखाया है कि मैं किसी को भी हराम या नापाक क़रार न दूँ।
पतरस की तक़रीर
34 फिर पतरस बोल उठा, "अब मैं समझ गया हूँ कि अल्लाह वाक़ई जानिबदार नहीं, 35 बल्कि हर किसी को क़बूल करता है जो उसका ख़ौफ़ मानता और रास्त काम करता है।
रूहुल-क़ुद्स ग़ैरयहूदियों पर नाज़िल होता है
44 पतरस अभी यह बात कर ही रहा था कि तमाम सुननेवालों पर रूहुल-क़ूदस नाज़िल हुआ।