15 बाळक कै मन म्ह मूर्खता की गाँठ बंधी रहवै सै, पर अनुशासन की छड़ी उस ताहीं खोल कै उसनै दूर कर देवै सै।
15 बाळक कै मन म्ह मूर्खता की गाँठ बंधी रहवै सै, पर अनुशासन की छड़ी उस ताहीं खोल कै उसनै दूर कर देवै सै।