पुराणे रे दिनो रा दर्शण
9 तेबे जेबे आऊँ देखणे लगी रा था तेबे मैं अन्तो रे क्या देखेया कि सिंहासन राखी राखे ओर तेबे कोई बऊत पुराणा बैठेया; तेसरे टाल्ले बर्फा जेड़े सफेद ओर सिरो रे बाल़ मुलायम ऊना जेड़े थे; तेसरे सिंहासन आगी जेड़ा ओर तिजी रे पहिये धधकदी आगी जेड़ी दिशो थे। 10 जेती से बैठी रा था, तेथा ते आगी री एक नदी बह्ईणे लगी री, ह्जारो स्वर्गदूत तेसरी इच्छा पूरी करने खे त्यार खड़े रओ थे। ओर कई ह्जारो स्वर्गदूत तेसरी सेवा करने खे खड़े थे, फेर दरबारो दे न्यायी बैठे, किने कताबा खोली की देखेया कि तिना दे क्या ए।