बींझ़े राथ
36 "मेरे वापस एजनेरे दिहाड़ेरे बारे मां, या तैस वक्तेरे बारे मां कोई भी न ज़ाने कि तै कताली भोल्हो, सुर्गेरे स्वर्गदूते भी न ज़ानन त कने परमेशरेरू मट्ठू यानी अवं भी न ज़ैनी, पन सिर्फ मेरो बाजी परमेशर ज़ानते। 37 ज़ेन्च़रे नूहेरे ज़माने मां भोरू थियूं, तेन्च़रे मैन्हेरे मट्ठेरे एजनेरे वक्ते भोनूए। 38 किजोकि हड़ाई एजने करां पेइले भी लोक खाते पीते थिये, ते ड्लाह भी बनाते थिये, ते नूहेरे किश्ती मां गाने तगर एन सब किछ भोतू रावं। 39 तैन पतो भी न थियो कि कुन भोनेबालूए, इड़ी तगर कि हड़ाई अव ते तैनी सब किछ रुड़ेइतां नेव, ते मैन्हेरे मट्ठेरू यानी मेरू एजनू भी एरू भोनूए।