दुलहा
1 हे राजकुमारी, चफ्फल पहिने हर तोर गोड केतका सुंदर दिखथै,
तोर जांघन के गोलाई निपुन अगरिया के हाथ बनाय गय के जसना हबस।
2 तोर बोडरी सुन्दर खोरिया जसना हबै,
ऊ हरमेसा सहद लग हरमेसा भररे हर रथै।
तोर लादा गोंहू बोझवा कर ढेर कर जसना हबै,
जेखर चारो पार सोसन कर फूल होय।
3 तोर दुनो छातिन माना
छिगरी के दुइठे जोडधा लरका कर जसना हबै।
4 तोर नटेरी हाथीदांत के मीनार हबै,
तोर आंखी हेसबोन सहर के उन कुंडन कर जसना हबै,
जउन बतरब्बीम के फेरका कर लिघ्घो हबै,
तोर नाक अति सुन्दर लबानोन डोंगर के ऊंच मीनार के बरोबर हबै,
जेखर थुथना दमिस्क के पल्ला हबै।7:4 हइ सम्भव सुलेमान राजा कर दवारा बनाय हाथीदांत कर मीनार रथै जेखर बरोबरी करे जथै।
5 तोर जीव हे करमेल डोंगर के मेर, तोर मूंड सोभा देथै,
तोर लहलहात लटा माना बैजनी परदा हबै,
इनके लटा हे राजा कैद हुइ गइस।
6 हे परेमी अउ मनमोहनी कुंवारी,
तै केतका सुंदर अउ केतका मनोहर हबै।
7 तोर ऊंचाई खजूर रूख जसना ऊंच हबै
अउ अंगूर कर गुच्छन के जइसन तोर छाती हबै।
8 मै सोचे हव, मै ई खजूर रूख हे चढिहों,
अउ ओखर डगाइल पकडिहों, हे परेमी,
अंगूर के गुच्छन के जसना लुभावना बने रहै,
अउ तोर सांस सेबन के जसना महकत रहै।
9 अउ तोर चुम्मा निक्खा मधु कर जसना हबै,
दुलही
हइ सरलता लग बिबडा हे धीरे-धीरे बहि जथै।
10 मै अपन परेमी कर हव, अउ मोर इक्छा मोर पल्ला हरमेसा बने रथै।
11 हे मोर परेमी, आ, हम खेतन हे निकड जइ
अउ गांवन हे रात गुजारी।
12 हम बोहत हरबी उठी अउ अंगूर कर बगियन हे निकड जाय,
आ, हम उहां देखी कि अंगूर कर बेलन हे फूल खिलथै,
आ, हम देखी कि अंगूर फूल गय हबै,
उछो मै अपन माया तोके दिखाहुं।
13 दोदाफल7:13 फूल कर गुरतुर खुसबू लग खुसबू आथै,
अउ हमर दवारा सगलू मेर के निक्खा फडुहा हबै,
नबा अउ पुरान जउन, हे मोर परेमी,
मै तोर निता अकजुट कर रखे हव।