5 हम कल्पनाहोन खे, अरु हर एक उची बात खण्डन जो परमेश्वर की पैछान का खीलाप मे उठस हइ. हर एक भावना खे कैद करी मसीह कि आज्ञा करी बनैइ देस हइ.
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5 हम कल्पनाहोन खे, अरु हर एक उची बात खण्डन जो परमेश्वर की पैछान का खीलाप मे उठस हइ. हर एक भावना खे कैद करी मसीह कि आज्ञा करी बनैइ देस हइ.