10 यो करण मी मसीह, लिये कमजोरहोन, अरु अपमानहोन मे, अरु दरिद्रता मे, अरु उपद्रव मे, अरु संकटहोन मे, प्रसन्न हइ. क्युकि जब मी कमजोर होस हइ, तभी बलवन्त होस हइ.
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10 यो करण मी मसीह, लिये कमजोरहोन, अरु अपमानहोन मे, अरु दरिद्रता मे, अरु उपद्रव मे, अरु संकटहोन मे, प्रसन्न हइ. क्युकि जब मी कमजोर होस हइ, तभी बलवन्त होस हइ.