1 फिर यहोवा ने मूसा से बोल्यो, 2 "इस्राएलीहोन खे या आज्ञा दे कि मरा पास उजालो देन का लिये कूटी खे निकाल्यो हुयो जैतून को निर्मल तेल लिके आनु कि दिवो हमेशा जलतो ऱ्हिये. 3 हारुन ओखे, मिलापवाला तम्बु मे, साक्षीपत्र का बीचआला परदा से बाहर, यहोवा का सामने नित्य शाम से फजर तक रचयखे रखनु; या तुमारी पिडी पिडी का लिये हमेशा कि विधि ठयर्ये. 4 उ दिवा के अच्छा ओडा पर यहोवा का सामने नित्य सजायो कर्ये.
5 "तू मैदो लिखे बारा रोटिहोन बनानु, हर एक रोटी मे एपा को दो दसवो भाग आटो हुये. 6 तब उनकी दो पंगतहोन करीखे, एक एक पंगत मे छे: छे: रोटीहोन, अच्छी टेबल पर यहोवा का सामने रखनु. 7 अरु एक एक पंगत पर चोखो लोबान रखनु कि वा रोटी पर याद देनआली चिज अरु यहोवा का लिये बलिदान हुये. 8 हर आराम दिन खे उ ओखे नित्य यहोवा का सामने क्रम से रख्यो कर, यो हमेशा की वाचा की रीति से इस्राएलिहोन का तरप से हुयो करे. 9 अरु उ हारुन अरु ओका बेटाहोन को हुये, अरु वे ओखे कोय पवित्र जगा मे खाये, क्युकी उ यहोवा का बलिदान होन मे से हमेशा की विधि का जसो हारुन का लिये परमपवित्र भाग ठहरे".
10 वे दिन मे कोय इस्राएली बय को बेटो, जेको बाप मिस्री अदमी थो, इस्राएलिहोन का बिच मे चली गयो. अरु वा इस्राएली बय को बेटो अरु एक इस्राएली इन्सान तम्बु का बिच आपस मे झगडो करन लग्या. 11 अरु वा इस्राएली बय को बेटो यहोवा का नाम की मजाक करीखे सराप देन लग्यो. यो सुनिखे दुन्या ओके मूसा का पास लीके गया. ओकी माय को नाम शलोमीत थो, जो दान का कुल कि दिब्री की बेटी थी. 12 उन्हे ओखे अपना देखभाल मे रख्यो, जेकासे यहोवा को मन उन पर प्रकट हुय सक्ये. 13 तब यहोवा ने मूसा से बोल्यो, 14 "तुम दुनिया उ सराप देन आला खे तम्बु से बाहेर लिके जानु; अरु जतना ने वा नीन्दा सुनी हइ वे सब अपना अपना हाथ ओका माथा पर रखे, तब सब मण्डली का दुन्या ओके पत्थर मारे." 15 अरु तू इस्राएलिहोन से बोल कि कोय क्यु नी हुये जो अपना परमेश्वर खे सराप दिये ओखे अपना पाप को बोझो उठानु पड्ये. 16 यहोवा को नाम कि नीन्दा करणआला निश्चय मारी डाल्यो जाये; सब मण्डली का दुन्या निश्चय ओके पत्थर मारे; चाहे देशी हुये चाहे परदेशी, अगर कोय उ नाम कि नीन्दा कर्हे ते ओखे मारी डाल्यो जाये. 17 "फिर जो कोय इन्सान खे जान से मार्या उ निश्चय मारी डाल्यो जाये. 18 जो कोय घरेलू जनवर खे जान से मार्या उ ओखे भरी दे, पन जनवर का बदला मे जनवर दे." 19 "फिर अगर कोय दुसरा खे चोट पहुचाए, ते जसो ओने कर्यो हइ वसो ही ओका साथ भी कर्यो जाये. 20 पन तोड–फोड करन का बदला तोड–फोड कर्यो जाये, आख का बदला आख, दात का बदला दात, जसी चोट जेने कोय खे पहुचय हुये वसो हि ओकि भी पहुचय जाये. 21 जनवर खे मारी डालनआला ओखे भरी दे, पन इन्सान खे मारी डालनवाला के निश्चय मारी डाल्यो जाये. 22 तुमारो नियम एक ही हुये, जसो देशी का लिये असो ही परदेशी का लिये भी हुये. मी तुम्हारो परमेश्वर यहोवा आय". 23 अत: मूसा ने इस्राएलिहोन खे यो समझायो; तब उनने उ सराप देनआला खे तम्बु से बाहेर ली जयखे ओके पत्थर मार्या. अरु इस्राएलीहोन ने वसो ही कर्यो, जसो यहोवा ने मूसा खे आज्ञा दी थी.