1 फिर यहोवा ने मूसा से बोल्यो, 2 "अगर कोई यहोवा को विश्वासघात करीखे पापी ठयर्ये, जसो कि पइसा जमा करनो, या लेनदेन, या लुट का बारे मे अपना भैइ से छल कर्ये, या ओका पर अन्धारो कर्ये, 3 या पडी हुइ चिज खे लिखे ओका बारे झुठ बोल्ये अरु झुठी कसम भी खाये; असी कोय भी बात क्यु नी हुये जेखे करीखे इन्सान पापी ठयरस हइ, 4 ते जब उ असो काम करीखे दोषी हुइ जाये, तब जो भी चिज ओने लुट या अन्धारो करीखे, या पइसा जमा कऱ्या, या गमी हुइ चिज जो ओके मिली गइ. 5 चाहे कोय भी चिज किव नि हय जेका विषय मे ओने झुठी कसम खइ हइ; ते उ ओखे पुरो पुरो वापस दे, अरु पाचवो भाग भी बडयखे भरी दे, जो दिन यो मालुम हुये की उ दोषी हइ उ दिन उ चिज खे जेके हुये ओके वापस करी दे. 6 अरु उ यहोवा का सामने अपनो दोषबलि भी ली आये, पन एक नीरोग मेढो दोषबलि का लिये याजक का पास ली आये, उ वत्ता ही दाम को हुये जेत्तो याजक ठहराये. 7 यो प्रकार याजक ओका लिये यहोवा का सामने प्रायश्चित्त कर्ये, अरु जो काम खे करी खे उ पाप हुइ गयो हइ ओकी माफी ओखे मिल्ये."
8 फिर यहोवा ने मूसा से बोल्यो, 9 "हारुन अरु ओका बेटाहोन खे आज्ञा दि खे यो बोल कि होमबलि की व्यवस्था या हइ : होमबलि लक्कड का उपर रात भर फजर तक वेदी पर पड्यो र्हिये, अरु वेदी कि अंगार वेदी पर जलती र्हिये. 10 अरु याजक अपना मलमल का कपडा, अरु अपना आंग पर अपनी सनी की जाघिया पेनीखे होमबलि कि राख, जो अंगार का भस्म करण से वेदी पर र्हि जाये, ओखे उठैइ खे वेदी का बाजु मे रख. 11 तब उ अपना ये कपडा उतारीखे दुसरा कपडा पेनिखे राख खे तम्बु से बाहेर कोय शुध्द जगा पर लि जाये. 12 वेदी पर अंगार जलती र्हिये, अरु कभी बुझी नी पाये. अरु याजक हरदिन सुबह खे ओका पर लकड़िहोन जलयखे होमबलि का टुकडाहोन खे ओका उपर सजयखे धरी दे, अरु ओका उपर मेल-मिलाप बलिदान कि चरबी खे जलायो कर्ये. 13 वेदी पर अंगार लगातार जलती र्हिये; वा कभी बुझी नी पाये.
14 "अन्न दान की व्यवस्था यो प्रकार हइ : हारुन को बेटो ओखे वेदी का आगे यहोवा का नजीक ली आया. 15 अरु उ अन्न दान को तेल मील्यो हुयो आटा मे से मुठ्ठी भर अरु ओका पर का सब लोबान उठैइ खे अन्न दान का याद का भाग खे यहोवा का सामने सुखदायक सुगन्ध का लिये वेदी पर जलाए. 16 अरु ओमे से जो कुछ र्हि जाये ओखे हारुन अरु ओका बेटा खाये; उ बिना खमीर पवित्र जगा मे खायो जाये, पन वे मिलापआला तम्बू का अंगन मे ओखे खाये. 17 वा खमीर का साथ बनायो नि जाये; क्योकि मने अपना दान मे से ओखे उनको निज भाग होन का लिये उनखे दियो हइ; येकालिये जसो पापबलि अरु दोषबलि अति पवित्र हइ, ओसो ही वे भी हइ. 18 हारुन का कुल का सब इन्सान ओका मे से खै सकस हइ, तुमारी पीडी–पीडी मे यहोवा का दानहोन मे से यो उनको भाग हमेशा बन्यो ऱ्हीहे; जो कोय उ दानहोन खे पकड्ये उ पवित्र ठहरे." 19 फिर यहोवा ने मूसा से बोल्यो, 20 "जो दिन हारुन को अभिषेक हुये उ दिन उ अपना बेटाहोन का सात यहोवा खे यो चडाओ चडाय; मनजे एपा को दसवो भाग आटो नित्य अन्न दान मे चढाये, ओमे से आधो फजर खे अरु आधो संजा का टेम मे चडानु. 21 उ तव्वा पर तेल का साथ बनायो जाये; अरु जब उ तेल से तर हुइ जाये तब ओखे ली आनु, या अन्न दान का पक्या हुया टुकडा यहोवा खे सुखदायक बास का लिये चढानु. 22 हारुन का बेटाहोन मे से जो भी उ याजक पद पर अभिषिक्त हुये, उ भी उ प्रकार को चढावो चढायो कर्ये; या विधि सदा का लिये हइ, कि यहोवा का सामने उ सब चढावो जलायो जाये. 23 याजक का सब अन्न दान भी सब जलायो जाये; उ कभी नी खायो जाये."
24 फिर यहोवा ने मूसा से बोल्यो, 25 "हारुन अरु ओका बेटाहोन से यो बोल कि पापबली की व्यवस्था यो हइ : जो जगा मे होमबलि जनवर खुन कऱ्यो जास हइ ओमे पापबलिजनवर भी यहोवा का सामने बलि कर्यो जाये; उ परमपवित्र हइ. 26 जो याजक पापबलि चढ़ाये वे ओखे खाये; उ पवित्र जगा मे, अर्थात् मिलापआला तम्बू का अंगन मे खायो जाये. 27 जो कुछ ओका मास से छूयो जाये उ पवित्र ठर्ये; अरु अगर ओका खुन का छीटा कोय कोय कपडा पर पडि जाये, ते ओखे कोय पवित्र जगा मे धोइ देनु. 28 अरु उ मट्टी को बर्तन जेमे उ बनायो गयो हुये तोडी दियो जाये; अगर उ पीत्तल का बर्तन मे चुडायो गयो हुये, ते उ मांजा जाये, अरु पाणी से धोइ लियो जाये. 29 याजकहोन मे से सब इन्सान ओखे खै सकस हइ; या भोत अच्छी चिज हइ. 30 पर जो पापबलि जनवर का खुन मे से कुछ भी खुन मिलापआला तम्बू का अंदर पवित्र जगा मे पाप के झाके, ओको मास कभी नी खायो जाये; उ अंगार मे जलय दीयो जाये."