1 "तुम अपना लिये मुर्तीहोन नी बनानु, अरु नी कोय कोरी हुइ मुर्ती या लाट अपना लिये खडो करनु, अरु नी अपना देश मे आराधना करण का लिये नक्काशीदार पत्थर स्थापित करनु; क्युकी मी तुमारो परमेश्वर यहोवा आय." 2 तुम मरा आराम को दिन को पालन करणो अरु मरा पवित्रजगा को आदर करनु. मी यहोवा आय. 3 "अगर तुम मरी विधिहोन पर चलनु, अरु मरी आज्ञाहोन खे मानी खे उनको पालन कर," 4 ते मी तुमारा लिये टेम टेम पर पाणी गिरायु, तथा खेत अपनी पैदावार बडाये, अरु जमिन का झाड अपना अपना फल दियो कर्हे. 5 ह्या तक कि तुम अंगूर तोडन का टेम भी दावनी करता र्हिये, अरु बोन का टेम भी पेट भरीके अंगूर तोडता र्हिये, अरु तुम मनमाने रोटी खाया कर्ये, अरु अपना देश मे निश्चिन्त बस्या र्हिये. 6 अरु मी तुमारा देश मे सुख चैन दियु, अरु तुम सोये अरु तुमारो कोय डरानआला नी हुये; अरु मी उ देश मे दुष्ट जन्तुहोन खे नी र्हेन देनको, अरु तलवार तुमारा देश मे नी चल्ये. 7 अरु तुम अपना दुश्मनहोन खे मारीखे भगाये, अरु वे तुम्हारी तलवार से मार्या जाये. 8 तुम मे से पाच इन्सान सव खे अरु सव इन्सान दस हज़ार खे भगाये; अरु तुम्हारा दुश्मन तलवार से तुम्हारा आगे आगे मार्या जाये. 9 अरु मी तुमारा तरफ कृपा दृष्टि रख्यु, अरु तुम खे फलवन्त कर्यु अरु बडायु, अरु तुमारा सात अपनी वाचा खे पुरी कर्यु. 10 अरु तुम रख्यो हुयो पुराना अनाज खे खाये, अरु नयो का ऱ्हेस भी पुराना खे निकालनका. 11 अरु मी तुम्हारा बीच अपनो निवास–स्थान बनायो रख्यु, अरु मरो जी तुम से घुस्सा नी कर्ये. 12 अरु मी तुम्हारा बिच चल्यो फिर्यो कर्यु, अरु तुम्हारो परमेश्वर बन्यो र्हियु, अरु तुम मरी प्रजा बन्या र्हिये. 13 मी तुम्हारो उ परमेश्वर यहोवा आय, जो तुम खे मिस्र देश से निकाली ली आयो येकालिये कि तुम खे मिस्रिहोन का दास नी बन्या र्हेनु. अरु मी ने तुम्हारा जुवाडा खे तोडी दियो हइ, अरु तुम खे सीधो खडो करी खे चलायो हइ.
14 "अगर तुम मरी नी सुने, अरु ये सब आद्याहोन खे नी माने," 15 अरु मरी विधिहोन खे नीकम्मो जान्ये, अरु तुम्हारी आत्मा मरा निर्णयहोन से घृणा कर्ये, अरु तुम मरी सब आज्ञाहोन को पालन नी कर्हे, या मरी वाचा खे तोड्ये, 16 ते मी तुम से यो कर्यु; पन मी तुम खे बेचैन कर्यु, अरु क्षयरोग अरु ज्वर से पीडीत कर्यु, अरु येका कारन तुम्हारी आख धुंधली हुइ जाये, अरु तुम्हारो मन भोत उदास हुये. अरु तुम्हारो बीज बोनु अशुध्द हुये, क्योकि तुम्हारा दुश्मन ओकी उपज खैइ जाये. 17 अरु मी भी तुम्हारा विरुध्द हुइ जायु, अरु तुम अपना दुश्मनहोन से हारी जाये; अरु तुम्हारा दुशमन तुम्हारा उपर अधिकार कर्ये, अरु जब कोय तुम खे मारता भी नी हुये तब भी तुम भाग्ये. 18 अरु अगर तुम या बातहोन का बाद भी मरी नी सुने, ते मी तुमारा पाप का कारन तुमखे सातगुणा सजा अरु दियु. 19 अरु मी तुम्हारा बल को घमण्ड तोडी डाल्यु, अरु तुमारा लिये बद्दल खे लोखोंड का जसो अरु जमीन खे पीत्तल का जसो बनय दियु; 20 अरु तुमारो बल अकारथ गमायो जाये, क्योंकि तुम्हारो खेत अपनी पैदावार नी बडाये, अरु जमिन का झाड अपना फल नी दिये. 21 "अगर तुम मरा खिलाप चलता ही र्हेनु, अरु मरो कहनो नी मान्यो, ते मी तुमारा पाप का जसो तुम्हारा उपर अरु सातगुणा संकट डाल्यु." 22 अरु मी तुम्हारा बीच जंगली जनवर भेज्यु, जो तुम खे वंचित कर्ये अरु तुम्हारा घरेलू जनवरहोन खे नष्ट करी डाल्ये, अरु तुम्हारी गिनती कम कऱ्या, जेकासे तुमारी सडकहोन सूनी पडी जाये. 23 "फेर अगर तुम या बात पर भी मरी ताडनो से नी सुधर्यो, अरु मरा विरुध्द चलता ही र्हेनु." 24 ते मी भी तुम्हारा विरुध्द जायु, अरु तुमारा पाप का कारण मी खुद ही तुम खे सातगुणा सजा दियु. 25 अरु मी तुम पर एक असी तलवार चलायु, जो वाचा तोडन को पुरो पुरो बदलो लिये; अरु जब तुम अपना नगर मे जय जैयखे जमा हुये तब मी तुमारा बिच मे महामारी फैलायु, अरु तुम अपना दुश्मनहोन का हात मे दि दियो जाये. 26 जब मी तुमारा लिये अनाज का आधार खे दुर करी डाल्यु, तब दस बइहोन तुमारी रोटी एक ही भट्टी मे बनयखे तौली तोली खे बाटी दिये; अरु तुम खयखे भी तृप्त नी हुये. 27 "फेर अगर तुम येका बाद भी मरी नी सुने, अरु मरा विरुध्द चलते हि र्हिये." 28 ते मी अपना न्याय मे तुम्हारा विरुध्द चल्यु, अरु तुमारा पाप का कारन तुम खे सातगुणी सजा अरु भी दियु. 29 अरु तुम खे अपना बेटा अरु बेटिहोन को मास खानु पड्ये. 30 अरु मी तुम्हारा पुजा का उची जगा खे गिरय दियु, अरु तुम्हारी बासआली वेदी की मुर्तीहोन खे तोडी डाल्यु, अरु तुम्हारी लास खे तुमारी तोडि हुई मुर्तिहोन पर फेकी दियु; अरु मरी आत्मा खे तुम से घुस्सा हुय जाये. 31 अरु मी तुम्हारा नगरहोन खे उजाडी दियु, अरु तुम्हारा पवित्रजगा खे उजाडी दियु, अरु तुम्हारो सुखदायक सुगन्ध ग्रहन नी करु. 32 अरु मी तुमारा देश खे सुनो करी दियु, अरु तुम्हारा दुश्मन जो ओमे हइ वे या बातहोन का कारण चकीत हुये. 33 अरु मी तुम खे राष्ट्र-राष्ट्र का बीच तितर–बितर कर्यु, अरु तुम्हारा पीछे पीछे तलवार खीची र्हियु; अरु तुम्हारो देश सुनो हुइ जाये, अरु तुम्हारा नगर उजाड हुइ जाये. 34 तब जत्ता दिन उ देश सुनो पड्यो र्हिये अरु तुम अपना दुश्मन का देश मे र्हिये वत्ता दिन उ अपना विश्रामकालहोन खे मानता र्हिये, तब उ देश मे आराम पाये, पन अपना विश्रामकालहोन खे मानता र्हिये. 35 जत्ता दिन उ सुनो पड्यो रिये वत्ता दिन ओखे अराम रिये, पन जो आराम ओखे तुमारा व्हा बस्या र्हेन का टेम मे तुम्हारा विश्रामसालहोन मे नी मील्यो हुये उ ओखे तब मील्हे. 36 अरु तुम मे से जो बची रिये अरु अपना दुश्मन का देश मे हुये उनका दिल मे मी निराशा के पैदा कऱ्यु; अरु वे पत्ता का बजना से भी भागी जाये, अरु वे असो भाग्ये जसो कोय तलवार से भाग्यो, अरु कोइ का बिना पीछ्यो कर्यो वे भी गिरी पडे. 37 जब कोय पीछा करन आलो नी हुये तब भी मानों तलवार का डर से वे एक दूसरा से ठोकर खयखे गिरती जाये, अरु तुम खे अपना दुश्मनहोन का सामने ठैरन की कुछ शक्ति नी र्हिये. 38 तब तुम राष्ट्र राष्ट्र का बीच मे पहुची खे नष्ट हुइ जाये, अरु तुमारा दुशमन की जमीन तुम खे खैइ जाये. 39 अरु तुम मे से जो बच्या ऱ्हीहे वे अपना दुश्मन का देश मे अपना बुरा काम का कारण गली जाये; अरु अपना बापदादाहोन का बुरा कामहोन का कारण वे उनका समान गली जाये. 40 "पर अगर वे अपना अरु अपना पत्थर का बुरा काम खे मानी लिये, मंनजे उ विश्वासघात खे जो वे मरो कर्ये, अरु यो भी मानी लिये कि हम यहोवा का खिलाप चल्या था, 41 यो कारण उ हमारा विरुध्द हुइ खे हम दुश्मन का देश मे ली आयो हइ. अगर उ टेम उनको ख़तनारहित दिल दबी जाये अरु वे उ टेम अपना बुरा काम को दण्ड खे अंगीकार कर्हे. 42 तब जो वाचा म ने याकूब का साथ बाँधी थी ओखे मी याद कर्यु, अरु जो वाचा म ने इसहाक से अरु जो वाचा म ने अब्राहम से बाँधी थी उनखे भी याद कर्यु, अरु यो देश खे भी मी याद कर्यु. 43 पर उ देश उनसे रहित हुइ खे सुनो पड्यो र्हिये, अरु उनका बिना सुनो र्हि खे भी अपना आराम काल होन खे मानता ऱ्हीहे; अरु वे दुन्या अपना बुरा काम का दण्ड खे अंगीकार कर्ये, यो कारन से कि उनने मरी आज्ञाहोन को उल्लंघन कर्यो थो, अरु उनकी आत्माहोन खे मरी विधिहोन से घृणा थी. 44 इत्ता पर भी जब वे अपना दुश्मन का देश मे हुये तब मी उनखे यो प्रकार नी छोड्यु, अरु नी उनसे असी घृणा कर्यु कि उनको सत्यानाश करी डाल्यु, अरु अपनी वा वाचा खे तोडी दियु जो मी ने उनका से बाँधी हइ. क्युकी मी उनको परमेश्वर यहोवा आय. 45 पन मी ओकी भलाइ का लिये उनका बापदादाहोन से बाँधी हुय वाचा खे याद कर्यु; जेखे मी दुसरा राष्ट्रहोन का आख का सामने मिस्र देश से निकाली खे लायो कि मी उनको परमेश्वर ठैइर्यु; मी यहोवा आय". 46 जो जो विधिहोन अरु व्यवस्था अरु व्यवस्था यहोवा ने अपना तरफ से इस्राएलिहोन का लिये सीनै टेकडी पर मूसा का वजेसे ठैराइ थी वे याही हइ.