1 यहूदा को राजो यहोयाकिम का राज का तीसरा साल मे बेबीलोन को राजो नबूकदनेस्सर ने यरुशलेम पर चेडी खे ओखे घेरी लियो 2 तब परमेश्वर ने यहूदा को राजो यहोयाकिम खे परमेश्वर का घर का कही बर्तनहोन सहीत ओका हात मे करी दियो; अरु ओने वे बर्तनहोन खे शिनार देश मे अपना देवता कि मन्दिर मे ली जयखे, अपना देवता का भण्डार घर मे रखी दियो. 3 तब उ राजा ने अपना अधिकारीहोन को मुखियो अशपनज खे आज्ञा दी कि इस्राएली राजबेटाहोन अरु प्रतिष्ठित इन्सानहोन मे से असा कही जुवानहोन खे ला, 4 जेमे कोय प्रकार को आंग मे खोट नी हुये, सुन्दर हुये, हर प्रकार कि बात सिखन कि सामर्थ हुये, अच्छा ज्ञानी इन्सान हुये, जलदी समझनवाला हुये, राजा का राजभवन मे सेवा करन कि योग्या हुये; अरु उनखे कसदी कि भाषा अरु पडन लिखन कि शिक्षा दे. 5 राजा ने आज्ञा दी कि ओको खानो अरु पिन की दाखमधु मे से उनखे हरदिन खान-पिन खे दियो जाये. येका प्रकार तीन साल तक उनको पालन पोषण होतो ऱ्हीयो; तब ओका बाद वे राजा का सामने हजर कऱ्यो जाये. 6 ओमे यहूदा का कुल से चुन्या हुया दानिएल, हनन्याह, मीशाएल, अरु अजर्याह नामको यहूदी था. 7 अधिकारीहोन का मुखिया ने उनको दुसरो नाम रख्यो; यानिकि दानिएल को नाम ओने बेलतशस्सर, हनन्याह को शद्रक, मीशाएल को मेशक, अरु अजर्याह को नाम अबेदनगो रख्यो. 8 पन दानिएल ने अपना मन मे सोची लियो कि उ राजा को खानो खयखे, अरु ओका पिन को दाखमधु पिखे अपवित्र नी हुयो; येकालिये ओने अधिकारीहोन का मुखिया से बिनती करी कि ओखे अपवित्र नी होनु पडे. 9 परमेश्वर ने अधिकारीहोन का मुखिया का मन मे दानिएल का प्रति कृपा अरु दया भरी दी. 10 अधिकारीहोन का मुखिया ने दानिएल से बोल्यो, "मी अपना स्वामी राजा से डरुस हइ, क्युकी तुमारो खानो-पिनो ओने ठहरायो हइ, कही असो नी हुये कि उ तरो मुडो तरा सात का जुवानहोन का तुलना मे उतऱ्यो हुयो अरु उदास देखे अरु तुम मरो माथो राजा का सामने जोखिम मे डाले." 11 तब दानिएल ने उ मुखिया से, जेखे अधिकारीहोन का मुखिया ने दानिएल, हनन्याह, मीशाएल, अरु अजर्याह का उपर देखरेख करन का लिये नियुक्त कऱ्यो थो, ओका से बोल्यो, 12 "मी तरा से बिनती करुस हइ, कि अपना दासहोन खे दस दिन तक जाच अरु हमारा खान का लिये भाजीपालो अरु पिन का लिये पानी ही दियो जाये. 13 फिर दस दिन का बाद हमारो मुडा अरु जो जुवान राजा को खानो खास हइ उनका मुडा खे देख; अरु जसो तोखे देख्यो पडे, ओका अनुसार अपना दासहोन से व्यवहार करनु." 14 ओकी या बिनती ओने मानी ली, अरु दस दिन तक उनखे परखतो ऱ्हीयो. 15 दस दिन का बाद उनका मुडा राजा को खानो खानआला सब जुवानहोन से जादा अच्छा अरु चिकनो दिखान लग्या. 16 तब उ मुखियो उनखे खानो अरु उनका पिन का लिये रुखतो हुयो दाखमधु दोय छुडयखे, उनखे भाजीपालो देन लग्या. 17 परमेश्वर ने वे चार जुवानहोन खे सब प्रकार कि पडाइ लिखन अरु सब प्रकार का ज्ञान मे डिमाकवाला अरु समंझदारी दी; अरु दानिएल सब प्रकार का दर्शन अरु सपना को अर्थ को ज्ञानी हुइ गो. 18 तब जतना दिन का बाद नबूकदनेस्सर राजा ने जुवानहोन खे अंदर लिजान कि आज्ञा दी थी, तीन साल का बितना पर अधिकारीहोन का मुखियो उनखे ओका सामने लिखे गयो. 19 राजो उनका से बातचीत करन लग्यो; अरु दानिएल, हनन्याह, मीशाएल, अरु अजर्याह का तुल्य वे सब मे से कोय नी ठैऱ्यो; येकालिये वे राजा का सामने हजर ऱ्हेन लग्या. 20 डिमाक अरु हर प्रकार कि समझ का बारे मे जो कुछ राजो उनका से पुछतो थो ओमे ज्ञानी वे राज्य भर का सब पंडित होन अरु तांत्रिक अरु जादुटोना से दसगुणा समझदार निकलता था. 21 अरु दानिएल कोरेस राजा का राज काल का पहला साल तक वहा सेवा करतो ऱ्हीयो.
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Daniel 1
दानिएल अरु ओका दोस्त
चार लडका नबूकदनेस्सर कि राजसभा मे
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