2 जो जमिन का निचे12:2 धुलि कि जमिन मे सोयो ऱ्हीहे ओमे से भोत सा दुनिया जागी उठे, कतना तो हमेशा का जीवन का लिये, अरु कतना अपनी नामधराइ अरु हमेशा तक अत्यन्त घिनोनो ठहरन का लिये. 3 तब ज्ञानीदुन्या कि चमक आकाशमण्डल का जसो हुये, अरु जो भोतजन खे धर्मी बनास हइ, वे हमेशा तारहोन का जसा प्रकाशमान ऱ्हीहे.
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