जवान को सलाह
1 अपनी जवानी के दिनों में अपने सृजनहार को स्मरण रख : इससे पहले कि विपत्ति के दिन आएँ और ऐसे वर्ष आ पहुँचें जिनमें तू कहे कि मेरा मन इनमें नहीं लगता;
1 अपनी जवानी के दिनों में अपने सृजनहार को स्मरण रख : इससे पहले कि विपत्ति के दिन आएँ और ऐसे वर्ष आ पहुँचें जिनमें तू कहे कि मेरा मन इनमें नहीं लगता;