5 अब तुम लोग न तो दुःखी होओ, और न ही अपने आप पर क्रोध करो कि तुमने मुझे यहाँ आनेवालों के हाथ बेच डाला था; क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हारे प्राण बचाने के लिए मुझे तुमसे पहले यहाँ भेज दिया है। 6 पिछले दो वर्षों से इस देश में अकाल है, और अभी ऐसे पाँच वर्ष और होंगे जिनमें न तो हल चलेगा और न ही फसल काटी जाएगी। 7 परमेश्वर ने मुझे तुमसे पहले इसलिए भेजा कि पृथ्वी पर तुम्हारा वंश बचा रहे, और इस बड़े छुटकारे के द्वारा तुम्हारे प्राण बचाए जाएँ। 8 इसलिए अब मुझे यहाँ भेजनेवाले तुम नहीं बल्कि परमेश्वर है। उसने मुझे फ़िरौन के लिए पिता समान, और उसके समस्त घराने का स्वामी, तथा सारे मिस्र देश का शासक बना दिया है।