25 "फिर यदि किसी स्त्री के मासिक धर्म की अवधि के अतिरिक्त कई दिनों तक लहू बहता रहे, या उसकी अशुद्धता के समय के बाद भी उसका लहू बहता रहे, तो उसके लहू बहने के पूरे समय तक वह अशुद्ध रहे, जैसे मासिक धर्म के दिनों में रहती है। 26 अपने स्राव के सब दिनों में जिस किसी बिछौने पर वह लेटे, वह उसके मासिक धर्म के बिछौने के समान अशुद्ध ठहरे। जिस किसी वस्तु पर वह बैठे, वह भी उसके मासिक धर्म की अशुद्धता के दिनों के समान अशुद्ध ठहरे। 27 जो कोई उन वस्तुओं को छुए वह अशुद्ध ठहरे। वह अपने वस्त्रों को धोकर जल से स्नान करे, और साँझ तक अशुद्ध रहे।