17 तुम एक दूसरे पर अंधेर न करना, बल्कि अपने परमेश्वर का भय मानना। मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ।
35 "फिर यदि तेरा भाई दरिद्र हो जाए, और तुम्हारे बीच अपना भरण-पोषण न कर सके, तो तू उसे एक परदेशी या यात्री समझकर उसकी सहायता करना, और वह तेरे संग रहे। 36 तू उससे ब्याज या सूद न लेना, बल्कि अपने परमेश्वर का भय मानना, जिससे तेरा भाई तुम्हारे बीच वास कर सके।