अय्यूब का तिसरा बयान: बिलदद को जवाब
1 फ़िर अय्यूब ने जवाब दिया
2 दर हक़ीक़त में मैं जानता हूँ कि बात यूँ ही है,
लेकिन इंसान ख़ुदा के सामने कैसे रास्तबाज़ ठहरे।
3 अगर वह उससे बहस करने को राज़ी भी हो,
यह तो हज़ार बातों में से उसे एक का भी जवाब न दे सकेगा।
4 वह दिल का 'अक़्लमन्द और ताक़त में ज़ोरआवर है,
किसी ने हिम्मत करके उसका सामना किया है और बढ़ा हो।