6 उसने उनसे कहा, "यसा’याह ने तुम रियाकारों के हक़ में क्या ख़ूब नबुव्वत की; जैसे लिखा है कि:
ये लोग होंटों से तो मेरी ता’ज़ीम करते हैं
लेकिन इनके दिल मुझ से दूर है।
7 ये बे फ़ाइदा मेरी इबादत करते हैं,
क्यूँकि इनसानी अहकाम की ता’लीम देते हैं।’
8 तुम ख़ुदा के हुक्म को छोड़ करके आदमियों की रिवायत को क़ाईम रखते हो।"