26 मय उन्ख अऊर अपनी पवित्र पहाड़ी को आजु बाजू को जागावों ख आशीर्वादित करूं; अऊर बारीश ख ठीक समय पर बरसाऊं; अऊर हि आशीषों की बारीश होयेंन।
26 मय उन्ख अऊर अपनी पवित्र पहाड़ी को आजु बाजू को जागावों ख आशीर्वादित करूं; अऊर बारीश ख ठीक समय पर बरसाऊं; अऊर हि आशीषों की बारीश होयेंन।