शब्द शरीर रुप बोण्यो
1 सुरुवातीमेहें शब्द ओतो, आन शब्द देवोअरी ओतो, आन शब्द देव ओतो. 2 ओंज शब्द सुरुवातिही देवोअरी ओतो. 3 आखो बादो तियाज वाअहीं बोण्यों, आन जों किबी बोण्योहों तिहींमेहें रोत कोड्ली बी वस्तु तियाआ सिवाय ने बोण्यी. 4 तिया शब्दामेहें जिवन ओतो, आन तों जिवन मोनव्योअ उजालो ओतो. 5 उजालो आंदारामेहें सोमकेहे, आन आंदारो तियाहा जिकीत ने सेको1:5 आंदारो तियाहा जिकीत ने सेको आंदारे तियाहा स्विकार ने कोअयू..
6 देवे तियाआ एका खबर्याहा मोकल्यू; जियाआ नाव योहान ओतो.1:6 मत्तय 3:1; मार्क 1:4; लुक 3:1-2 7 तो आखा माअहोंहों उजालाआ बाप्तिम साक्शी कोअलोअ काजे आयू, जिहीं वाअहीं आखे माअहें उनाय आन विश्वास मिकीत सेके. 8 तो सोताहा उजालो ने ओतू, पोन तिया उजालाआ बाप्तिम साक्शी आपू आयुतो. 9 खोरो उजालो जो हारेक माअहुंहूं सोमकाडेहे, तों धरतीपोअ आवनारो ओतो.
10 तों शब्द दुन्याम ओतो, आन देवे दुन्या तिया वाअहीं बोणायी, तेबी दुन्या तियाहा ने ओलख्यु. 11 तो तियाआ कोअमेहें आयू, तेबी तियाआ कोर्याआ माअहूं तियाहा ने ओलख्यु. 12 पोन जियां तियाहा स्विकार कोअयू, मोन्ज्ये तियाआ नावोपोअ विश्वास कोअयू, तियांहां देवोअ पोर्ये बोणीइलाआ आधिकार आप्यू. 13 तें ने रक्ता वाअहीं के, शरीरोअ इश्शा वाअहीं के, मोनव्योअ इश्शा वाअहीं उब्ज्ये, पोन तें देवोप रोत उब्ज्ये.
14 आन शब्द शरीर बोण्यो; आन मेरवानी आन सत्या वाअहीं पुरो ओवीत आमाआं विसमेहें वोहती कोअयी, आन आमू तियाआ एहेलिही महिमा देख्यी, जे आब्हाआ एखला बेटाह्हाअ महिमा ओये.
15 बाप्तिस्मा कोअनारे योहाने तियाआ बाप्तिमेहें साक्शी आप्यी, आन आअड़ी-आअड़ीइ कोयो के, "ओ तोज होये, जियाआ बाप्तिमेहें आंय कोताप्य के, जो माआं फासाड़ी आवेहे, तो मापरोत वादार होय, काहाके तो मारोत पेल ओतू."
16 तियाआ मेरवानीइं भारपुरी वाअहीं तो आपाअ काजे आशिर्वाद बोण्यु, आपू आखाहा तियाआ आशिर्वादोअ फासाड़ी आशिर्वाद जोड़्यू. 17 देवे मोशे वाअहीं नियम आप्यू, पोन मेरवानी आन सत्य ईसु ख्रिस्ता वाअहीं आयो. 18 देवोहो कोडे केदीहींज नाहां देख्यू, पोन देवोअ एखले बेटेह्हेज, जो सादा आब्हाआ बोदाम रोहे, तिये तियाहा प्रगट कोअयू.
बाप्तिस्मा आपनारा योहानोअ संदेश
(मत्तय 3:1-12; मार्क 1:1-8; लुक 3:1-18)