4 परमपरधन यहव ह मल एक बन सखनवल क जभ दय हवय,
तक मह थक-हर मनख ल अपन बचन क दवर सभल बर जनव।
ओह मल हर बहनय जगथ,
ओह मर कन ल खलथ क मह एक सवक क सह सनव।
4 परमपरधन यहव ह मल एक बन सखनवल क जभ दय हवय,
तक मह थक-हर मनख ल अपन बचन क दवर सभल बर जनव।
ओह मल हर बहनय जगथ,
ओह मर कन ल खलथ क मह एक सवक क सह सनव।