12 काबरकि तुमन आनंद के संग निकलहू,
अऊ सांति के संग अमराय जाहू;
पहाड़ अऊ पहाड़ीमन तुम्हर आघू म
जय-जयकार के गीत गाहीं,
अऊ मैदान के जम्मो रूखमन
आनंद के मारे ताली बजाहीं।
12 काबरकि तुमन आनंद के संग निकलहू,
अऊ सांति के संग अमराय जाहू;
पहाड़ अऊ पहाड़ीमन तुम्हर आघू म
जय-जयकार के गीत गाहीं,
अऊ मैदान के जम्मो रूखमन
आनंद के मारे ताली बजाहीं।
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