17 "देखव, मेंह नवां अकास
अऊ नवां धरती के सिरिस्टी करहूं।
अऊ पहिली के चीजमन ला सुरता नइं करे जाही,
अऊ न ही ओमन मनखे के मन म आहीं।
18 एकर कारन जऊन कुछू के मेंह सिरिस्टी करथंव,
ओमा सदा खुस रहव अऊ आनंदित रहव,
काबरकि देखव, में यरूसलेम ला खुसी बर
अऊ येकर मनखेमन ला आनंद बर बनाहूं।
19 में यरूसलेम ऊपर आनंदित होहूं
अऊ अपन मनखेमन ले खुस होहूं;
येमा रोय अऊ नरियाय के अवाज
फेर सुनाई नइं पड़ही।