दाबेद अर शिमी
5 ज़ांऊं राज़अ दाबेद बहूरीम पुजअ, शाऊलो एक टबर गेरो शोहरू शिमी आअ दाबेदा सेटा तेऊ लै फिटक दैंदी मिलदअ। 7 शिमी लागअ दाबेदा लै बखर्दअ अर एही गाल़ी दैंदअ, "इधा का डेऊ दूर! तूह कदुष्ट हअ दूर! डेऊ इधा का तूह पापी! तूह हत्या करनै आल़अ!
10 राज़ै दाबेदै दैनअ ज़बाब, "नां, सरूयाहे शोहरूओ, तम्हां का कुंणी मांगी सलाह? ज़ै एऊ लै बिधाता बोलअ होए, ‘दाबेदा लै एछ फिटक दैई,’ तै निं एऊ का इहअ पुछ़णेंओ कोही हक आथी कि तंऐं इहअ किल्है किअ!"
11 तेखअ बोलअ दाबेदै अबीशै अर आपणैं सोभी कार-करिंदै लै, "ज़ै मेरअ आपणअ ई शोहरू मुंह मारदअ मेरै पिछ़ै आसा पल़अ द, तै निं ऐहा गल्ला लै रहैन हआ कि एऊ बिन्यामीन गोत्रे मणछै किअ इहअ। एऊ दैआ रहणैं, एऊ दैआ ज़िहअ एऊओ दिल बोला तेही गाल़ी दैणैं। हई सका कि एऊ लै बिधाता होए बोलअ द कि अह मुल्है फिटक दैए। 12 इहअ बी सका हई कि बिधाता मुंह संघै हंदै एऊ उपद्रभा भाल़ी मुल्है फिटक पल़णें बदल़ै धख बर्गत दैई हेरे।"