28 एऊ साबै आसा इहअ ठीक कि मर्ध ज़ुंण आपणीं-आपणीं लाल़ी संघै आपणीं देही ज़ेही झ़ूरी डाहा, सह डाहा आप्पू ई लै झ़ूरी। 29 किल्हैकि कोही निं कधू आपणीं देही संघै ज़ीद किई, पर तेता धाचा-पाल़ा हेर-सभाल़ करी, ज़िहअ मसीहा टोलीए हेर-सभाल़ करा 30 किल्हैकि हाम्हैं आसा मसीहे देहीए आंगा ज़िहै।
31 ज़िहअ पबित्र शास्त्र बोला,5:31 मूल. 2:24
"मर्ध रहणअ आपणैं ईजा-बाबा छ़ाडी
आपणीं लाल़ी संघै मिली अर
तिंयां दुहै हणैं एक देही।"
32 अह आसा बडअ भेद, पर हुंह बोला इधी मसीहे अर विश्वासी टोलीए बारै। 33 पर अह गल्ल आसा तम्हां लै बी, तम्हां मांझ़ै करै हरेक ज़ण्हअ आपणीं लाल़ी संघै आप्पू ज़ेही झ़ूरी, तैही रहणअ मणछ आपणैं ईज-बाब छ़ाडी आपणीं लाल़ी संघै मिली, अर तिंयां दुहै हणैं एक देही। लाल़ी बी लोल़ी कि सह आपणैं मर्धे डरा हेठै रहे।