1,2 फारसी राज़अ क्षयर्ष रहा त आपणीं राज़धानी शुआ नगरी। तिधा का करा त सह भारत देशा पोर्ही कूश देशा तैणीं एक शौ सताई मुल्खा प्रैंदै राज़।
3 तेऊ दैनी आपणैं राज़ा दी चिऊथी साला आपणैं सोभी कार-करिंदै अर दरोगै लै धाम। तेथ थिऐ सोभी मुल्खे राज़पाल अर सोभी मुल्खे सैणैं आऐ दै ज़ुंण तेऊए कबज़ै दी थिऐ। फारस देशे सैनापति अर मादी देशे सैनापति बी थिऐ तिधी आऐ दै। 4 सह रहअ छ़हा भिन्नैं तैणीं तिन्नां का राज़ भबने शोभा-शान रहैऊंदअ लागी। तेऊ किअ प्राहुंणैं लै खास्सअ खर्च़ कि तिन्नां सोभी का ज़ाण्हिंए कि तेऊओ राज़ किहअ महान आसा।
5 तेता बाद दैनी तेऊ राज़धानी शुआ नगरीए सोभी आम परज़ा सेठ अर गरीब सोभी लै धाम। लोग रहै साता धैल़ी तैणीं राज़े मैहलै खोल़ै बागा दी खांदै-पिंदै लागी। 6 राज़े मैहलै तैहा ताटी तै फेर-फिरदै निलै अर शेतै पल्दै लाऐ दै, तिंयां थिऐ बैंज़णीं रांगे बाछे डोरी दी च़ंदीए झ़ुंफ लाई संगमरमरे थाम्हा दी बान्हैं दै। खोल़ै ती धरनीं सुन्नैं अर च़ंदीए च़ौकी डाही दी। सारी ताटी ती लाल, काल़ै, शेतै, लाल अर पिंऊंल़ै संगमरमरे तल़ाथरा करै तल़अ द। 7 प्राहुणैं लै थिऐ झुटणा लै सुन्नें गलास अर तिन्नां गलासा दी थिई होरी-होरी रंगे खेल़्तरा। राज़ै पणैऊंईं सोभी का ज़ेतरअ दिल बोलअ तेतरी दाखे रसे शराब। 8 राज़ै त आपणैं राज़ दरबारै च़ाकरी करनै आल़ै लै हुकम डाहअ द करी कि प्राहुंणैं लै दैऐ ज़ेतरअ तिन्नों दिल बोले तेतरअ दाखो रसो शराब।
9 मर्ध ज़ण्हैं तै बागै मौज़ करदै लागै दै अर माहा राणीं बशती ती सोभी बेटल़ी लै क्षयर्ष राज़े मैहला भितरी धामा लाई दी।
10 सातुऐ धैल़ै हुअ इहअ कि राज़अ क्षयर्ष त दाखे शराबा झुटदअ मगन हुअ द, तेऊ शादै आपणैं गुंझी दासा मांझ़ै सात ज़ण्हैं ज़ुंण तेऊए खास च़ाकरी करनै आल़ै थिऐ, मेहुमान, बिजता, हरबोना, बिगथा, अबगथा, जथार अर कर्कास। 11 तेऊ किअ तिन्नां लै हुकम कि राणीं बशती आणा ओर्ही शादी। राज़अ च़ाहा त इहअ कि सह माहा राणींओ मुगट बान्हीं तैर्हुई करै एछे ताकि तेऊए कार-करिंदै अर सोभ प्राहुंणैं तैहा भाल़े कि सह हेरनी केही बित्ती आसा। 12 पर ज़ांऊं तिन्नैं राणीं बशती का खोज़अ कि राज़ै किअ इहअ हुकम, तैहा किअ एछणा लै नांईं अर एता लै आई राज़ै खास्सी रोश्शै।
13,14 राज़ै शादै फारस अर मादी देशे खास-खास आपणैं सात सलाहकार ज़ुंण बडी पदबी दी आसा तै। तिंयां थिऐ करशेना, शेतेर, अदमाथा, तरशीश, मेरेस, मरसेना अर मेमूसेन। ईंयां तै खास्सै अक्ली आल़ै अर इना का हआ त देशे बधान अर सोभी रिती-रबाज़ो थोघ। राज़अ करा त हर मामलै लै इना का सलाह लई। 15 राज़ै बोलअ तिन्नां लै, "मंऐं क्षयर्ष राज़ै छ़ाडै आपणैं दास राणीं बशती सेटा लै हुकम दैई कि सह मुंह सेटा लै एछे, पर तैहा किअ एछणा लै नांईं! एते बारै बधाना दी किज़ै आसा लिखअ द? एता लै हुंह तैहा लै किज़ै सका करी?"
16 मेमूसेनै बोलअ राज़ै अर होरी कार-करिंदै लै इहअ, "राज़ैओ हुकम नांईं मनी निं माहा राणीं बशती सिधअ राज़अ नकदरअ समझ़अ! अह आसा हाम्हां सोभी कार करिंदै अर देशा-देशे सोभी लोगे बेइज़ती ज़ेथ क्षयर्ष राज़ैओ राज़ आसा! 17 ज़ांऊं ईंयां गल्ला बागै सोभी देशे बेटल़ी का थोघ लागणीं इहअ करै भेटणीं सोभी बेटल़ी भाबी अर तिन्नां बी निं आपणैं मर्धे कदर करनी! तिन्नां बोल़णअ इहअ, ‘क्षयर्ष राज़ै बी शादी ती राणीं बशती अर सह निं तेऊ सेटा डेऊई।’ 18 ज़ांऊं फारस अर मादी देशै राज़ दरबारे कार-करिंदे बेटल़ी का इहअ थोघ लागणअ कि राणीं किअ इहअ-इहअ, तेखअ बोल़णअ तिन्नां बी आपणैं-आपणैं मर्धा लै इहअ ई! इहअ करै निं कोही बेटल़ी किधी आपणैं मर्धे इज़त करनी अर मर्ध हणैं तिन्नां लै रोश्श करदै। 19 माहा राज़अ क्षयर्ष, ज़ै तूह मेरी गल्ला लै सैहमत होए, तै कर इहअ हुकम ज़ारी कि राणीं बशती निं आझ़ा बाद तेरै मोहरै लोल़ी आई। संघा डाहै एता फारसी अर मादी देशे बधाना दी लिखी ताकि एता कुंण बदल़ी निं सके अर माहा राणींए पदबी दै कहा होरी लै ज़ुंण तैहा का बधिया होए। 20 ज़ांऊं तेरै हुकम ज़ारी हणैंओ थोघ सोभी देशै लागणअ, तेखअ करनी सोभी बेटल़ी आपणैं मर्धे कदर च़ाऐ सह सेठ होए च़ाऐ गरीब।"
21 राज़ै अर होरी कार-करिंदै लागी अह गल्ल बधिया अर राज़ै किअ तिहअ ई ज़िहअ मेमूसेनै सलाह दैनी। 22 राज़ै किअ हर मुल्खे बोली-भाषा दी च़िठी लिखी आपणअ हुकम ज़ारी कि घअरो सैणअ हणअ मर्ध अर सोभै गल्ला हणीं तेऊए मरज़ी दी।