14 ईशू बोलअ तिन्नां भाल़ी, "डेओआ, भबनै डेऊई एछा प्रोहता का रहैऊई ताकि तिन्नां का थोघ लागे कि तम्हैं गऐ कोहल़ा का शुचै हई।" हांढदी-हांढदी गऐ तिंयां कोहल़े रोगा का नरोगै हई।
15 तेखअ तिन्नां मांझ़ै एकी मणछै ज़ांऊं भाल़अ सह गअ ठीक हई, तेऊ किअ ज़ोरै-ज़ोरै परमेशरे ज़ै-ज़ैकार अर सह फिरअ ईशू सेटा लै बापस। 16 तेऊ टेक्कअ ईशू सेटा माथअ अर तेऊ मनअ बडअ शूकर। सह मणछ त होरी ज़ातीओ सामरी मुल्खा का।
17 एता लै बोलअ ईशू, "कै दस ज़ण्हैं निं हुऐ शुचै? तै तिंयां नौ ज़ण्हैं किधी आसा? 18 एऊ परदेसी छ़ाडी होर कोहै निं निखल़अ, ज़ुंण परमेशरे बड़ैई करदअ?" 19 तेखअ बोलअ ईशू तेऊ लै, "उझ़ू, डेऊ, तेरै विश्वासै बच़ाऊअ तूह।"