3 एकी बडै घोल़ै सका हाम्हैं तेऊए नाका दी होछ़ी ज़ेही नकेल लाई करै आपणैं बशै करी। 4 एही ता हआ ज़हाज़ बडी ढिश-बागरी करै च़लाऊअ द तैबी बदल़ा ज़हाज़ो दलपति तेऊ एकी होछ़ी ज़ेही पतबारा करै च़ऊ बाखा।
5 तेही ई आसा ज़िभ एक होछ़अ ज़िहअ आंग पर अह मारा बडी-बडी डिंगा। ज़िहअ धख ज़िहै आगीए लुपल़ै करै शाचा सारै बणैं आग अर सह हआ बरैबाद। 6 ज़िभ बी आसा आगी ज़ेही, अह आसा म्हारी देहीए आंगा मांझ़ै सोभी का बूरी। अह लाआ म्हारी सारी देही दी कोहल़। अह सका म्हारी सारी ज़िन्दगी जम्परी का निखल़णैं आल़ी आगी करै बरैबाद करी।
7 सोभी रंगे बणें पशू, च़ेल्लू-पखीरू अर रिंगणै आल़ै ज़ीब, पाणीं दी हांढणै आल़ै सोभै ज़ीब सका मणछे बशै हई अर हुऐ बी। 8 पर ज़िभा निं कोहै मणछ बशै करी सकदअ, सह आसा एक एही लत्त ज़ुंण कधि निं थम्हदी, तेथ आसा इहअ बिश ज़ेता करै मौत हआ।3:8 भज. 140:3